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Sunday, July 13, 2008

हिन्दी संस्करण: "अपशिस्ट निपटान गीत"

भइया प्लास्टिक को करियो निपटान रे।
ऐसे जावें कई जान रे।

जब जो भूमि में फेंको जावे,
पेड़ पौधों की साँस रुकावे,
हरो-भरो पौधई मर जावे ,
एखो भूमि में कबहूँ ने जान दो ,
ऐसे जावें कई जान रे।
भइया प्लास्टिक को करियो निपटान रे।
ऐसे जावें कई जान रे।


जब जो जल में फेंको जावे,
जलीय जीवों की साँस रुकावे,
उनकी तो मृत्यु हो जावे,
एखों पानी में कबहूँ ने जान दो,
ऐसे जावें कई जान रे।
भइया प्लास्टिक को करियो निपटान रे।

ऐसे जावें कई जान रे।

सबसे अच्छो उपाय है एक,
एखों अलग से रक्खो नेक,
पुनः चक्रण में दीजो भेज,
इसे नई नई चीजें लियो बनाये रे ,
ऐसे बचा लियो कई जान रे,
भइया प्लास्टिक को करियो निपटान रे।
ऐसे जावें कई जान रे।

3 comments:

संजीव तिवारी said...

दसेला परब के कोरी कोरी बधई

ब्‍लाग जगत में आपका स्‍वागत है
आपको हम अपने छत्‍तीसगढ ब्‍लागर्स सूची में संलग्‍न कर रहे हैं

cg4bhadas.com said...

आपका cg4भड़ास.काँम में स्वागत है

parag said...

hiiiiiiii